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अनकहे अधूरे ज़ज्बात प्यार का वो अनछुआ पहलु ...एक सौगात आपके नाम

मंगलवार, 27 अप्रैल 2010

तकदीर की लकीरों

तकदीर की लकीरों से चुराया था तुमको
अपना हम कदम बनाया था तुमको
दो कदम साथ चले तुम लेकिन ...
हाथ मेरा छोड़ चले जाना था तुमको

एहसास वो तड़प तेरे जाने के बाद आज भी है बाकी ...
ज़लज़ला एक तूफ़ान सा उठा दिल में जो दिल ने भूल जाना चाह था तुमको
तकदीर की लकीरों से चुराया था तुमको
अपना हमकदम बनाया था तुमको

हसरत तुझसे मिलने की आज भी है बाकी
तेरे तस्सबुर का इंतज़ार आज भी है बाकी ..
साहिल मिला नहीं है अभी तक लहरों  को
की तेरे आने की आस आज भी है बाकी ....
पर दीदार ये यार के इंतज़ार ने इतना तनहा कर सा दिया है हमको
पूछता है दिल अह्ज़े वफ़ा को तोड़ कर क्या मिला तुमको
 तकदीर की लकीरों से चुराया था तुमको
अपना हमकदम बनाया था तुमको ....

10 टिप्‍पणियां:

  1. तकदीर की लकीरों से चुराया था तुमको
    अपना हम कदम बनाया था तुमको

    इन दोनों पंक्तियों ने दिल को छु लिया. बहुत सुन्दर. बधाई और स्वागत आधुनिक साहित्य -संसार में.
    www.nareshnashaad.blogspot.com महफ़िल-ए-नाशाद

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  2. हिंदी ब्लाग लेखन के लिए स्वागत और बधाई
    कृपया अन्य ब्लॉगों को भी पढें और अपनी बहुमूल्य टिप्पणियां देनें का कष्ट करें

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  3. "तकदीर की लकीरों से चुराया था तुमको
    अपना हम कदम बनाया था तुमको"
    सहज शब्दों से मनोभावों को चित्रित करने का सार्थक प्रयास - ब्लॉग भी सुंदर लगा - शुभकामनाएं

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  4. हिन्दी ब्लॉगजगत के स्नेही परिवार में इस नये ब्लॉग का और आपका मैं ई-गुरु राजीव हार्दिक स्वागत करता हूँ.

    मेरी इच्छा है कि आपका यह ब्लॉग सफलता की नई-नई ऊँचाइयों को छुए. यह ब्लॉग प्रेरणादायी और लोकप्रिय बने.

    यदि कोई सहायता चाहिए तो खुलकर पूछें यहाँ सभी आपकी सहायता के लिए तैयार हैं.

    शुभकामनाएं !


    "टेक टब" - ( आओ सीखें ब्लॉग बनाना, सजाना और ब्लॉग से कमाना )

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  5. आपका लेख पढ़कर हम और अन्य ब्लॉगर्स बार-बार तारीफ़ करना चाहेंगे पर ये वर्ड वेरिफिकेशन (Word Verification) बीच में दीवार बन जाता है.
    आप यदि इसे कृपा करके हटा दें, तो हमारे लिए आपकी तारीफ़ करना आसान हो जायेगा.
    इसके लिए आप अपने ब्लॉग के डैशबोर्ड (dashboard) में जाएँ, फ़िर settings, फ़िर comments, फ़िर { Show word verification for comments? } नीचे से तीसरा प्रश्न है ,
    उसमें 'yes' पर tick है, उसे आप 'no' कर दें और नीचे का लाल बटन 'save settings' क्लिक कर दें. बस काम हो गया.
    आप भी न, एकदम्मे स्मार्ट हो.
    और भी खेल-तमाशे सीखें सिर्फ़ "टेक टब" (Tek Tub) पर.
    यदि फ़िर भी कोई समस्या हो तो यह लेख देखें -


    वर्ड वेरिफिकेशन क्या है और कैसे हटायें ?

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  6. chitta jagat me swagat hai aapkaa

    aap achha likti hain

    likhte rahen shubhkaamnaaye

    dr vikas tomar

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  7. " बाज़ार के बिस्तर पर स्खलित ज्ञान कभी क्रांति का जनक नहीं हो सकता "

    हिंदी चिट्ठाकारी की सरस और रहस्यमई दुनिया में राज-समाज और जन की आवाज "जनोक्ति.कॉम "आपके इस सुन्दर चिट्ठे का स्वागत करता है . चिट्ठे की सार्थकता को बनाये रखें . अपने राजनैतिक , सामाजिक , आर्थिक , सांस्कृतिक और मीडिया से जुडे आलेख , कविता , कहानियां , व्यंग आदि जनोक्ति पर पोस्ट करने के लिए नीचे दिए गये लिंक पर जाकर रजिस्टर करें . http://www.janokti.com/wp-login.php?action=register,

    साथ हीं जनोक्ति द्वारा संचालित एग्रीगेटर " ब्लॉग समाचार " http://janokti.feedcluster.com/ से भी अपने ब्लॉग को अवश्य जोड़ें .

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