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अनकहे अधूरे ज़ज्बात प्यार का वो अनछुआ पहलु ...एक सौगात आपके नाम

शनिवार, 5 जून 2010

जल धारा

पथिक की प्यास बुझाती है
बहती हुई जल धारा
जीवन में नयी आस जगती है
बहती हुई जल धारा
शीतल स्वछ प्राण दायनी  है
 बहती हुई जल धारा
नयी उमीदों नयी उर्जा का संचार कराती है
बहती हुई जल धारा
रुकना नहीं थकना नहीं रुकावटों से डरना नहीं ये एहसास कराती है
 बहती हुई जल धारा
लाख मुश्किलें हो राहों में मंजिल तक पहुँचने का हौसला दिलाती है
 बहती हुई जल धारा
सशक्तिकरण नवचेतना आत्मविश्वास दर्शाती है
बहती हुई जल धारा
निम्तन घटी हो या उच्चतम नभ चलाचल अडिग पथ पर अपने सपनो की और ये सीखाती है
बहती हुई जल धारा

3 टिप्‍पणियां:

  1. मुझे आपका ब्लोग बहुत अच्छा लगा ! आप बहुत ही सुन्दर लिखते है ! मेरे ब्लोग मे आपका स्वागत है !

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  2. ग़ज़ब की कविता ... कोई बार सोचता हूँ इतना अच्छा कैसे लिखा जाता है

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